गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है ? और कुछ रोचक तथ्य

गोल्डफिश साइप्रिनिडे परिवार में एक मीठे पानी की मछली है, जो कि साइप्रिनफॉर्मिस के क्रम में है। यह आमतौर पर इनडोर एक्वैरियम में पालतू जानवर के रूप में रखा जाता है, और यह सबसे लोकप्रिय एक्वैरियम मछली में से एक है। गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम आप नीचे पढ़ सकते हैं ।

गोल्डफिश का साइंटिफिक नाम क्या है ?

इसका का साइंटिफिक नाम Carassius Auratus है।  गोल्डफिश का ताल्लुक प्राणी जगत के “साइप्रिनिडे परिवार” से है । अगर आप इसका हिंदी में साइंटिफिक नाम ढूंढ रहे हैं तोह बतादूँ की हिंदी में भी इसका नाम कैरासियस औराटस है।

हिंदी में गोल्डफिश को सुनहरी मछली कहा जाता है। तथा गोल्डफिश को “गोल्डन क्रूसियन कार्प” (Golden Crucian Carp) भी कहा जाता है। इनके बहुत से प्रजाति महजूद हैं जिनके बारेमे हम आगे पढ़ेंगे।

सुनहरी मछली की किस्में

गोल्डफिश भी अलग अलग किस्मो की होती है इसमें से कुछ मुख्य किस्में निचे दिए गये है:

Bubble Eye goldfish
Bubble Eye
Celestial eye goldfish
Celestial Eye
pearlscale goldfish
Pearlscale
Oranda Goldfish
Oranda
Domestic comet goldfish
Comet
Shubunkin Goldfish
Shubunkin
ryukin goldfish
Ryukin
fantail goldfish
Fantail
Pompoms Goldfish
Pompoms
ranchu goldfish
Ranchu
Telescope Goldfish
Telescope
Common Goldfish
Common Goldfish

गोल्डफिश से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

क्या आपको पता है गोल्डफिश आंखे खोलकर सोती है । उनकी आंखों में पलक नहीं होती है ।
गोल्डफिश अनुकूल परिवेश में 35 से 40 सालों तक जीवित रह सकती है ।
आज तक दुनिया की सबसे बड़ी सुनहरी मछली लगभग 16 इन्च कि मिली है ।
आप ये जानकर आश्चर्य होगा की बिना कुछ खाये गोल्डफिश 21 दिनों से अधिक समय तक जीवित रह सकती है ।
हमारे विपरीत सुनहरी मछलि का दांत इसके गले के पीछे होता है ।
गोल्डफिश अपने जीव से नही बल्कि अपने होठ से स्वाद का अनुभव लेती है ।
यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि गोल्डफिश का पेट नहीं  होता शायद इसलिए बिना कुछ खाये 3 हफ़्तों से ज्यादा समय तक जीवित रह सकती है ।
गोल्डफिश किसी भी चीज़ को तीन महीने तक याद रख सकती है ।
हमारी तरह गोल्डफिश भी मनुष्यों को पहचान सकती है ।
गोल्डफिश दूसरी छोटी मछलियों को खाती है । इसके अलावा कभी कभी यह अपने ही बच्चों को खा जाती है।
सुनहरी मछली को घर मे रखना बहुत ही शुभ माना गया है । ज्योतिष के अनुसार गोल्डफिश को घर मे रखने से दुखों का अंत होता है तथा मन शांत रहता है । गोल्ड फिश को घर के उत्तर या दक्षिण दिशा में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है ।

साइंटिफिक वर्गीकरण

गोल्डफिश का वैज्ञानिक नामकैरासियस औराटस
हिंदी नामसुनहरी मछली
जातिकैरासियस
निवाश स्थानमीठा पानी
मूल श्रोतचीन
आकार20 Cm तक
PH रेंज6.5 से 8.5
वजन3 किलो तक
सम्भोग का समयअप्रैल-मई
लंबाई45 सेंटीमीटर तक
भोजनशैवाल,लार्वा,कीट आदि

सुनहरी मछली का आकार

गोल्ड फिश यानी सुनहरी मछली का उपयोग सजावटी मछली के तौर में भी किया जाता है और इसका शरीर लंबा और पंख छोटे होते हैं । इनका शरीर बेहद आकर्षक और सुंदर होता है ।

इसकी लम्बाई करीब 7-8 इंच के आसपास होते हैं पर कभी कभी ये 23 सेंटीमीटर तक के होते हैं । इसके शरीर के रंग लाल, पीले, बैंगनी, काले, सफेद, नीले, तथा रंग बिरंगे होते हैं । चीन गोल्डफिश को पालतू बनाने वाला पहला देश था। गोल्ड फिश को खाया नहीं जाता है ।

गोल्डफिश कितने साल जिन्दा रहेती है?

ऐसा देखा गया है की अनुकूल परिस्थिति मिलने पर ये 40 साल तक भी जीवित रह सकती हैं, लेकिन अधिकतर ऐसा देखा गया है की एक्वेरियम में ये 7 से 8 साल तक ही जीवित रहती हैं । 

गोल्ड फिश में बुद्धिमत्ता कैसी होती है ?

सुनहरी मछलीयों को पॉजिटिव रिइंफोर्समेंट का उपयोग करके विभिन्न रंगों के प्रकाश संकेतों को पहचानना और उन पर प्रतिक्रिया करने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है । गोल्ड फिश की स्मृति अवधि लगभग तीन माह की होती है और यह अलग अलग रंगों, आकारों और आवाजों के बीच अंतर कर सकते हैं । एक और प्रयोग ने इनके 1 महीने से अधिक अवधि तक याद रखने की अवधारण का प्रदर्शन किया ।

मछलीयां भोजन से सम्बंधित कुछ रंगों के प्रति ज्यादा प्रतिक्रिया करती है । अगर भोजन रोज़ लगभग एक ही समय पर दिया जाए तो मछलीयां भोजन दिए जाने के समय का पूर्वानुमान करना भी सीख जाती हैं । पॉजिटिव रिइंफोर्समेंट वाले प्रशिक्षण तकनीकें का उपयोग करके सिखाये जाने पर, सुनहरी मछलियां कुछ करतब जैसे लीम्बो, स्लैलम, फेच और सोकर भी सीखती हैं ।

प्रजनन चक्र

सुनहरी मछलियां यौन परिपक्वता को केवल पर्याप्त पानी और सही पोषण के साथ ही विकसित कर पाती हैं । अधिकतर सुनहरीमछलियां कैद में ही प्रजनन करती हैं । विशेष रूप से तालाब व्यवस्था में अच्छी तरह से रखे जाने पर, वे घर के अंदर भी प्रजनन कर सकते हैं । प्रजनन आमतौर पर तापमान में निर्भर होने के कारण प्रायः वसंत ऋतु में होता है । नर मादाओं का पीछा करते हैं और धक्का मारने तथा टहोका मारके उसे अंडों को छोड़ने के लिए उत्तेजित करते है ।

अन्य सिप्रिनीड की तरह गोल्डफिश भी अंडे देती हैं । उनके अंडे चिपचिपे होते हैं और जलीय वनस्पति के साथ चिपक जाते हैं, विशेष कर घने पौधों के साथ । कैद में, अंडों को अवश्य ही एक अलग टैंक में हटा दिया जाना चाहिए, क्योंकि सामना होने पर वयस्क मछलियां छोटे मछलियों को खा जाती हैं ।

अंडे 48 से 72 घंटे के भीतर हैच होते हैं । अंडे फूट कर निकले हुए बच्चे इतने छोटे होते हैं कि उन्हें “दो पुतलियों के साथ एक पलक” के रूप में वर्णित किया जाता है. लगभग एक सप्ताह भीतर ये अपना अंतिम आकार लेने लगता है । हालांकि उनके एक परिपक्व सुनहरी मछली जैसा रंग विकसित करने में एक वर्ष से भी अधिक का समय लग सकता है; तब तक वे अपने जंगली पूर्वजों की भांति धातुई भूरे रंग के रहते हैं ।

अपने जीवन के पहले सप्ताह में, नन्हे गोल्डफिश जल्दी विकसित होता है । यह उस उच्च जोखिम का अनुकूलन है जिसके तहत उनके वातावरण में रहने वाले वयस्क मछली (या अन्य मछलियों और कीड़ों) द्वारा उन्हें निगले जाने का खतरा रहता  है ।

अपने बदले हुए अकार के कारण कुछ अत्यधिक प्रजन्न गोल्डफिश अब स्वाभाविक रूप से प्रजनन नही कर पाती. कृत्रिम प्रजनन विधि “हैंड स्ट्रिपिंग” उनका  प्रजनन किया जाता है, लेकिन ठीक प्रकार से ना किए जाने पर मछली को नुकसान पहुंचा सकती है ।

goldfish care aquarium

गोल्ड फिश की देखभाल कैसे करें?

गोल्डफिश ही नहीं बल्कि सभी तरह की मछलियों की उत्तम देखभाल बहुत जरूरी होता है। गोल्डफिश की देखभाल के लिए आपको सबसे पहले उनके रहने के लिए कांच का एक्वेरियम लगाना होगा । अगर आप एक्वेरियम नही लगाना चाहते तो कांच के बड़े बाउल का भी उपयोग कर सकते है । एक्वेरियम में सभी प्राकृतिक चीजों को भी लगाना चाहिए जो तालाब में पाई जाती है। इन सभी प्राकृतिक चीजों के लिए आप आसपास के एक्वेरियम यानी मछलीघर शॉप पर जा सकते हैं ।

गोल्डफिश के लिए एक्वेरियम का चुनाव

हमारा सुझाव है कि एक्वेरियम या बाउल, आप जो भी चुनें, ये जरूर ध्यान रखें कि वह जितना बड़ा होगा उतना ही आपकी मछली ज्यादा समय तक जीवित रहेगी । मछलियों का साइज़ भी एक्वेरियम के साइज़ पर निर्भर करता है ।

क्या हो गोल्डफिश का साईज़

छोटे इंडोर एक्वेरियम में गोल्डफिश का साईज़ 1 से 2 इंच का होता है । अगर आप थोड़ा बड़ा एक्वेरियम लगाते है तो मछली का साईज़ बढ़ कर 6 इंच तक हो सकता है । तालाब में रहने वाली गोल्डफिश का साईज़ 14-16 इंच तक होता है ।

कैसे करें एक्वेरियम की सजावट

एक्वेरियम को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए आप एक्वेरियम को अपने हिसाब से आर्टिफिशियल प्लांट्स वगैरह लगा कर सजा सकते हैं । आर्टिफिशियल प्लांट्स या प्राकृतिक चीजों से गोल्डफिश को प्राकृतिक जैसा वातावरण मिलेगा जिससे मछली एक्वेरियम में सहज रूप से रह सकेंगी ।

एक्वेरियम की साफ सफाई पर ध्यान दें

गोल्डफिश को ज्यादा समय तक जीवित रखने के लिए आपको एक्वेरियम की, कम से कम एक हफ्ते या दस दिन में सफाई करनी चाहिए । साफ सफाई करते हुए आपको कुछ चीजों पर, जैसे की पानी की सफाई करते समय आपको सारा पानी नहीं बदलाने पर भी ध्यान देना होगा ।

यदि आप हफ्ते में एक बार मछली के टैंक की सफाई करते है तो आपको टैंक का सिर्फ 10 या 15 प्रतिशत पानी ही बदलना चाहिए । । अगर आप टैंक की साफ सफाई 15 या 20 दिन में करते है तो आपको केवल 30 से 50 प्रतिशत पानी बदलना होगा ।

गोल्डफिश के लिए खाने की मात्रा

मछली के खाने के लिए आप किसी भी पेट शॉप पर जा कर गोल्डफिश के लिए फिश फूड खरीद सकते है और दुकानदार से फिश फ़ूड के खुराक की सलाह भी ले सकते है । गोल्डफिश को आप एक निश्चित मात्रा में ही खाना दें । अधिक मात्रा में खाना देने से गोल्डफिश बीमार पड़नेके साथ उसकी मृत्यु भी हो सकती हैं ।

कैसे करें गोल्डफिश का उपचार

कोई भी मछली पालने के लिए आपको उसका पूरा ध्यान रखना होगा। आप मछली के व्यवहार को समझने की भी कोशिश करें । अगर आपको मछली का व्यवहार ज़रा सा भी अलग लगे तो आप तुरंत समझ सकते है की मछली बीमार है और उसका उपचार भी कराऐं । यदि आपको लगता है की आपकी गोल्डफिश या अन्य मछलियां बीमार है तो आप उन्हें तुरंत किसी जलीय कृषि पशु चिकित्सक को दिखा कर उनका उपचार कराऐं ।

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